UPPSC Agriculture Syllabus 2024 In Hindi : उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) द्वारा कृषि सेवा के विभिन्न पदों की भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन फॉर्म जारी किया जाता है, जो उम्मीदवार इस पद पर चयनित होना चाहते हैं, उनको यूपीपीएससी एग्रीकल्चर सिलेबस का पूर्ण ज्ञान होना आवश्यक है।
इस लेख के माध्यम से हम आपको UPPSC Agriculture Syllabus In Hindi और UPPSC Agriculture Exam Pattern के बारे में पूर्ण जानकारी देंगे जिसके अनुसार तैयारी करके आप लिखित परीक्षा बेहतरीन अंको के साथ पास कर सकते है।
यूपीपीएससी एग्रीकल्चर सिलेबस संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी
संस्था का नाम | उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) |
लेख का नाम | UPPSC Agriculture Services Syllabus In Hindi |
सलेक्सन प्रोसेस | प्री परीक्षा, मेंस परीक्षा, इंटरव्यू |
आधिकारिक वेबसाइट | uppsc.up.nic.in |
UPPSC Agriculture Exam pattern
UPPSC एग्रीकल्चर परीक्षा पैटर्न की जानकारी नीचे की तरफ दी गई है।
UPPSC कृषि सेवा परीक्षा में दो चरण होते हैं, यानी प्रारंभिक परीक्षा और मुख्य परीक्षा अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवारों के लिए प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा के लिए न्यूनतम पासिंग अंक 35% है और अन्य जातियों के लिए यह 40% है।
UPPSC Agriculture Pre Exam Pattern
- प्री परीक्षा में बहुविकल्पीय प्रकार के प्रश्न पूछे जाते हैं।
- परीक्षा कुल 300 अंकों की होती है।
- इस परीक्षा में प्रत्येक गलत उत्तर के लिए 1/3 अंक की नेगेटिव मार्किंग होती है।
- इस परीक्षा के लिए कुल 2 घंटे का समय मिलता है।
- चयन प्रक्रिया में केवल ग्रुप ए पदों के लिए तीन चरण की परीक्षा होती है प्रारंभिक, मुख्य लिखित परीक्षा और साक्षात्कार शामिल हैं। प्रारंभिक परीक्षा बहुविकल्प प्रकार की होती है जबकि मुख्य परीक्षा वर्णनात्मक(विस्तृत) प्रकार की होती है।
- यूपीपीएससी कृषि सेवा मेंस परीक्षा में वैकल्पिक विषय का एक पेपर होगा, जिसका चुनाव आप आवेदन के वक्त किए होंगे।
विषय का नाम | प्रश्नों की संख्या | कुल अंक | परीक्षा में मिलने वाला समय |
सामन्य ज्ञान | 40 | 100 | दोनों विषय के लिए 2 घण्टे (120 मिनट) का समय मिलता है। |
कृषि | 80 | 200 |
Mains Exam Pattern
- मेंस परीक्षा में डिस्क्रिप्टिव प्रकार के प्रश्न आएंगे।
- मेंस परीक्षा में दो पेपर होते हैं, पहला सामान्य हिंदी और निबंध और दूसरा वैकल्पिक विषय
विषय का नाम | कुल अंक | परीक्षा का समय |
सामान्य हिंदी और निबंध | 100 | 2 घण्टे (120 मिनट) |
वैकल्पिक विषय | 200 | 3 घण्टे (180 मिनट) |
UPPSC Agriculture Syllabus 2024 In Hindi
UPPSC की प्रारंभिक परीक्षा में सभी पदों के लिए एक समान सिलेबस है जबकि प्रत्येक पद के लिए वैकल्पिक विषय सिलेबस अलग-अलग हैं, नीचे की तरफ़ UPPSC Agriculture Syllabus In Hindi की पूरी जानकारी दी गई है, जिसके अनुसार तैयारी करके आप लिखित परीक्षा में सफल हो सकते हैं।
UPPSC Agriculture Pre general knowledge Syllabus In Hindi
- रीजनिंग।
- अंकगणित।
- बीजगणित।
- ज्यामिति।
- सामान्य विज्ञान।
- भारत का इतिहास।
- भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन।
- भारतीय नीति, अर्थव्यवस्था और संस्कृति।
- राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय कार्यक्रम।
- पारिस्थितिकी और पर्यावरण।
- उत्तर प्रदेश की शिक्षा, संस्कृति, कृषि, उद्योग व्यापार, रहन-सहन और सामाजिक परंपराएं।
- भारतीय कृषि, वाणिज्य और व्यापार।
- भारत और उत्तर प्रदेश के भूगोल।
- भारत के प्राकृतिक संसाधन, इत्यादि।
UPPSC Agriculture Pre Agriculture Syllabus
- फसल का वितरण और उत्पादन
- आवश्यक पौधे पोषक तत्व।
- सहजीवी और गैर-सहजीवी नाइट्रोजन निर्धारण।
- मृदा संरक्षण।
- सिंचाई और जल निकासी।
- खेत प्रबंधन।
- सतत फसल उत्पादन
- मिट्टी की समस्या।
- जैविक खेती।
- कृषि अर्थव्यवस्था।
- कृषि विस्तार और कार्यक्रम।
- कृषि करने के यंत्र।
- बीज संगठन।
- विज्ञान और कृषि का महत्व।
- प्रकाश संश्लेषण।
- जलवायु की आवश्यकताएं।
- रोग प्रबंधन।
- भारत में खाद्य उत्पादन और खपत में रुझान।
- महत्वपूर्ण अनाज, दलहन, तिलहन, रेशे और अन्य नकदी फसलों का उत्पादन।
- खरपतवार और उनका वर्गीकरण।
- भारतीय मिट्टी का वर्गीकरण।
- मिट्टी के घटक, इत्यादि।
UPPSC Agriculture Mains Syllabus In Hindi
नीचे की तरफ़ यूपीपीएससी एग्रीकल्चर मेंस सिलेबस की पूरी जानकारी दी गई है, जिसको आप देख सकते हैं।
सामान्य हिंदी और निबंध | कृषि और व्यापार विज्ञान और पर्यावरण राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय महत्वपूर्ण घटनाएं। मुहावरे हिंदी से अंग्रेजी में अनुवाद करना और अंग्रेजी से हिंदी में अनुवाद करना। साहित्य और संस्कृति, इत्यादि। |
जिला उद्यान | एकीकृत प्रणाली के पोषक तत्व प्रबंधन। मानव पोषण में फलों और सब्जियों का महत्व। उत्तर प्रदेश और भारत के कृषि जलवायु क्षेत्र। कृषि मौसम। ग्लोबल वार्मिंग और इसके कारण। जैविक खेती की अवधारणा। फलों, सब्जियों की चिकित्सा खेती। रसोई एवं पोषण उद्यान की स्थापना। एकीकृत कृषि प्रणाली के कार्य क्षेत्र और महत्व। जैविक खेती फल और सब्जियां, इत्यादि। |
खाद्य संरक्षण | कैनिंग पाश्चराइजेशन की अवधारणा। खराब करने वाले कीटाणु। कृषि निर्यात क्षेत्र और औद्योगिक सहायता। फलों और सब्जियों के संरक्षण के सिद्धांत और तरीके। बागवानी फसलों का फसल प्रबंधन। जैम, जेली, कैंडी, अचार और संबंधित वस्तुओं की तैयारी। खाद्य पदार्थों की हैंडलिंग, ग्रेडिंग, पैकेजिंग का महत्व। फल, सब्जी और विटामिन की जानकारी। |
Senior Technical Assistant (पौधा रक्षक) | भारत में पौधे संरक्षण का इतिहास और महत्व। पादप रोग नियंत्रण के सिद्धांत। यूपी के संदर्भ में अनाज, फल और सब्जी फसलों के महत्वपूर्ण रोग के लक्षण, एटियलजि, संचरण और नियंत्रण, इत्यादि की जानकारी। यूपी में पौध संरक्षण के संगठन। कीट नियंत्रण का सिद्धांत। पोधों के संरक्षण के उपकरण। अनाज और दालों के भंडारण कीट। पौध संरक्षण का सामान्य सिद्धांत। सिद्धांत पादप संक्रमण और अलगाव के तरीके। फलों और सब्जियों के संरक्षण के सिद्धांत और तरीके। बागवानी फसलों का फसल प्रबंधन। जैम, जेली, कैंडी, अचार और संबंधित वस्तुओं की तैयारी। खाद्य पदार्थों की हैंडलिंग, ग्रेडिंग, पैकेजिंग का महत्व, इत्यादि। |
Senior Technical Assistant (रसायन विज्ञान शाखा) | सूक्ष्म जीव विज्ञान और पारिस्थितिकी। कृषि से संबंधित मृदा, वायु और जल प्रदूषण। प्रदूषण के स्रोत। मृदा संरक्षण और मृदा सर्वेक्षण। शुष्क भूमि कृषि। मिट्टी के भौतिक, रासायनिक और जैविक गुण। मिट्टी की उर्वरता के सिद्धांत। सूक्ष्म और स्थूल मिट्टी के पोषक तत्व। मृदा निर्माण की प्रक्रियाएं और कारक। पोषक तत्वों की उपलब्धता के स्रोत और रूप। मृदा संरक्षण सिंचाई, इत्यादि। |
Senior Technical Assistant (वनस्पति विज्ञान शाखा) | जैव प्रौद्योगिकी और कृषि में इसकी प्रासंगिकता। प्रोटीन संश्लेषण जैविक और अजैविक तनाव प्रतिरोध। आनुवंशिकी और पादप प्रजनन के ऐतिहासिक महत्व मेंडल के वंशानुक्रम के नियम वंशानुक्रम का गुणसूत्र सिद्धांत आनुवंशिक सामग्री की प्रकृति, संरचना उत्परिवर्तन के आणविक तंत्र,उद्देश्य, गतिविधि, पादप प्रजनन के महत्वपूर्ण उपलब्धियां। मृदा सर्वेक्षण और मृदा संरक्षण। शुष्क भूमि कृषि और शुष्क खेती के उपाय, इत्यादि। |
Senior Technical Assistant (विकास शाखा) | ग्रामीण अर्थव्यवस्था में पशुपालन और डेयरी विकास की भूमिका पैकेज और व्यवहार अनाज, चावल, गेहूं, मक्का, ज्वार, बाजरा मौसम विज्ञान का महत्व, ग्लोबल वार्मिंग, जलवायु परिवर्तन के कारण, कृषि पर प्रभाव एकीकृत कृषि प्रणाली, कार्यक्षेत्र और महत्व सतत कृषि समस्याएं दालें, चना, मसूर, खेत मटर नकदी फसलें – गन्ना, आलू फल- आम, अमरूद, आंवला इत्यादि। |
UPPSC Agriculture Interview Exam
यूपीपीएससी एग्रिकल्चर प्री और मेंस परीक्षा में उत्तीर्ण उम्मीदवारों को इंटरव्यू परीक्षा के लिए बुलाया जाएगा, इंटरव्यू परीक्षा कुल 50 अंकों की होती है।
UPPSC Agriculture Syllabus PDF download
यदि आप UPPSC Agriculture Syllabus PDF download करना चाहते है तो आप इस पीडीएफ को आधिकारिक वेबसाइट या नीचे दिए UPPSC Agriculture Syllabus PDF download लिंक से डाउनलोड कर सकतें हैं।
यूपीपीएससी एग्रीकल्चर प्री परीक्षा में सामान्य ज्ञान, कृषि विषय से प्रश्न पूछे जाते हैं और मेंस परीक्षा में सामान्य हिंदी और निबंध और दूसरा वैकल्पिक विषय से प्रश्न पूछे जाते हैं।
यूपीपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट से आप सिलेबस पीडीएफ डाउनलोड कर सकतें है।
यूपीपीएससी एग्रीकल्चर प्री परीक्षा में कुल 300 प्रश्न पूछे जाते हैं, और मेंस परीक्षा में भी 300 प्रश्न पूछे जाते हैं। इस परीक्षा में 1/3 अंक की माइनस मार्किंग होती है।
बीएससी (कृषि)/बी.एससी. (बागवानी)/बी. एससी (रसायन विज्ञान) या एम.एससी. (खाद्य प्रौद्योगिकी) / एमएससी, (खाद्य संरक्षण) / एम. एससी, (खाद्य विज्ञान) जिनके पास यह डिग्री है वो आवेदन कर सकतें हैं।
UPPSC Agriculture की आधिकारिक वेबसाइट uppsc.up.nic.in है।
यदि आपको यह पोस्ट अच्छी लगी है ऐसी ही जानकारी के लिए आप Sarkari Examup पर विजिट करते रहें।